ਪੰਜਾਬੀ ਆਪਣੀ ਮਾਂ ਬੋਲੀ ‘ਤੇ ਕਿਸੇ ਵੀ ਹਮਲੇ ਨੂੰ ਕਦੇ ਬਰਦਾਸ਼ਤ ਨਹੀਂ ਕਰਨਗੇ: ਬਲਤੇਜ ਪੰਨੂ
संघ स्थापना दिवस के शताब्दी वर्ष और विजयदशमी उत्सव पर संघ द्वारा शस्त्र पूजन ,शारीरिक प्रदर्शन और बौद्धिक कार्यक्रम आयोजित
लुधियाना,2 अक्तूबर(दलजीत विक्की)संघ स्थापना दिवस और विजयदशमी उत्सव पर विश्वकर्मा जिला लुधियाना विभाग में शस्त्र पूजन , शारीरिक प्रदर्शन और बौद्धिक का कार्यक्रम पूर्ण गणवेश में आयोजित किया गया। जिसमे विश्वकर्मा जिला के कुल 12 नगरों में से 09 नगरों में कुल 725 पूर्ण गणवेश में स्वयंसेवकों सहित समाज से सैकड़ो की संख्या में माताएं, बहनो की भी उपस्थिति रही ।
अलग अलग कार्यक्रमों में सतीश कुमार सह प्रांत कार्यवाह ,सुंदर लाल प्रांत संगठन मंत्री किसान संघ,यशगिरी प्रांत संयोजक सामजिक सद्भावना ,हितेंद्र कुमार सह जिला व्यवस्था प्रमुख,मनु कुमार विभाग कॉलेज विद्यार्थी प्रमुख, डा. शैलेन्द्र विभाग सेवा प्रमुख,बलविंदर सिंह जिला बौद्धिक प्रमुख सराभा जिला, डा. शिव कुमार विभाग संयोजक, योग भारती, नितिन गुप्ता विभाग सह शारीरिक शिक्षण आदि ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। जिसमे उन्होंने बताया कि यदि संघ को समझना हो तो संघ में आना होगा और केवल और केवल देने के भाव को लेकर ही संघ में आना सार्थक होगा,जो लोग किसी हेतु को लेकर संघ में आते है , वे अधिक समय संघ में नही रह पाते।
वक्ताओं ने सभी स्वयंसेवकों को पर्यावरण संरक्षण, परिवार प्रबोधन,सामाजिक समरसता, स्वदेशी भाव और नागरिक कर्तव्यों के कार्यों को अग्रसर होकर करने और राष्ट्र प्रेम के भाव को समाज के सभी वर्गों में भरने के लिए प्रोत्साहित किया।अपने स्वयंसेवकों के समर्पण भाव और सामूहिकता के कारण ही आज हम अपने गौरवशाली 100 वर्ष पूर्ण कर शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर रहे है। ये बीते 100 वर्ष अनेकों संघ कार्यकर्ताओं के त्याग और समर्पण भाव की गाथाओं से भरे पड़े हैं। माननीय विभाग संघचालक श्री महेंद्रपाल जी जैन और जिला टोली से माननीय जिला संघचालक ऋषि जी, माननीय सह जिला संघचालक खिलार चंद जी, जिला कार्यवाह विनोद ,सहकार्यवाह मुनीश और सहकार्यवाह शैलेश की भी कार्यक्रमों में उपस्थिति रही।
सुखदेव नगर में विभाग संघ चालक श्री महेंद्रपाल जैन जी रहे विशेष तौर पर उपस्थिति
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कार्यक्रम के आरंभ में शस्त्र पूजन किया गया और पूर्ण गणवेश में कार्यकर्ताओं ने शारीरिक प्रदर्शन के कार्यक्रम किए। कार्यक्रम समापन के बाद अल्पाहार वितरण हुआ। लगभग सभी नगरों में समाज में से माताओं ,बहनों और सज्जन शक्ति की उपस्थिति रही। जिले के शेष 3 नगरों में आगामी रविवार को कार्यक्रम किए जाएंगे।कुल मिलाकर पूर्ण गणवेश में शताब्दी वर्ष के इन कार्यक्रमों से सभी स्वयंसेवकों में नई ऊर्जा का संचार होने के साथ ही शताब्दी वर्ष में आने वाले कार्यक्रमों को सफल बनाने और समाज में पंच परिवर्तन जिसमे स्वदेशी संकल्प,नागरिक कर्तव्य, परिवार प्रबोधन,पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता का भी संदेश गया।



















